भैरोंघाट से | फूल सफेद और काला बीज

भैंरोंघाट से —” तिल ”

ये तिल भी अजीब शै है ।जब ये किसी हसीना के चेहरे पर कहीं भी होता है तो शायरों की जान बन जाता है ।
किसान के खेत में होता है तो उस किसान की खुशी वाकई देखने के काबिल होती है । ये कहीं भी हो चाहे गालों पर या खेत में या और कहीं भी हो ।लगता बहुत मलूक है । काले तिल की महत्ता एक शायर और किसान से बेहतर कोई नहीं जानता।इस बात को जमाना बहुत जमाने से जानता है ।
इसलिए ही तो ये कहावत बनी है कि—” तेल तो तिलों से ही निकलता है ! ” या कि –” इन तिलों में तेल नहीं है ! ”
मैंने भी किसी रोज किसी का ये तिल चुरा कर अपने दांये हाथ की छोटी अँगुली में रोप दिया है । बस बरसात का इंतजार है ।
इसके सफेद फूलों का सौंदर्य अद्भुत होता है । उम्मीद के फूलों का रंग हमेशा सफेद होता है । अजीब बात है ना कि — बीज काला और फूल सफेद..! इसलिए तिल कहीं भी हो उसे सहेजिये ।

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