फिरकनी-सी खटती माँ

अपनी आसन्नप्रसवा माँ के लिए – अशोक वाजपेयी

Photo: Omesh

तुम्हारी आँखों में नई आँखों के छोटे-छोटे दृश्य हैं,
तुम्हारे कंधों पर नए कंधों का
हल्का-सा दबाव है –
तुम्हारे होंठों पर नई बोली की पहली चुप्पी है
और तुम्हारी अंगुलियों के पास कुछ नए स्पर्श हैं
माँ, मेरी माँ,
तुम कितनी बार स्वयं से ही उग जाती हो
और माँ, मेरी जन्मकथा कितनी ताज़ी
और अभी-अभी की है !

माँ पर नयी लिख सकता कविता-चंद्रकांत देवताले

माँ के लिए सम्भव नहीं होगी मुझसे कविता
अमर चिऊँटियों का एक दस्ता मेरे मस्तिष्क में रेंगता रहता है
माँ वहाँ हर रोज़ चुटकी-दो-चुटकी आटा डाल देती है
मैं जब भी सोचना शुरू करता हूँ
यह किस तरह होता होगा
घट्टी पीसने की आवाज़ मुझे घेरने लगती है
और मैं बैठे-बैठे दूसरी दुनिया में ऊँघने लगता हूँ
जब कोई भी माँ छिलके उतार कर
चने, मूँगफली या मटर के दाने नन्हीं हथेलियों पर रख देती है
तब मेरे हाथ अपनी जगह पर थरथराने लगते हैं
माँ ने हर चीज़ के छिलके उतारे मेरे लिए
देह, आत्मा, आग और पानी तक के छिलके उतारे
और मुझे कभी भूखा नहीं सोने दिया
मैंने धरती पर कविता लिखी है
चन्द्रमा को गिटार में बदला है
समुद्र को शेर की तरह आकाश के पिंजरे में खड़ा कर दिया
सूरज पर कभी भी कविता लिख दूँगा
माँ पर नहीं लिख सकता कविता!

Photo: Omesh

अब नई-नई माँ – हेमन्त शेष

अब नई-नई माँ
रसोई घर में परेशान नहीं।
आदत बन जाने पर
विपन्नता भी
जीवन-शैली हो जाती है।

माँ का दुख- ऋतुराज
कितना प्रामाणिक था उसका दुख
लड़की को कहते वक़्त जिसे मानो
उसने अपनी अंतिम पूंजी भी दे दी

लड़की अभी सयानी थी
इतनी भोली सरल कि उसे सुख का
आभास तो होता था
पर नहीं जानती थी दुख बाँचना
पाठिका थी वह धुंधले प्रकाश में
कुछ तुकों और लयबद्ध पंक्तियों की

माँ ने कहा पानी में झाँककर
अपने चेहरे पर मत रीझना
आग रोटियाँ सेंकने के लिए होती है
जलने के लिए नहीं
वस्त्राभूषण शाब्दिक भ्रमों की तरह
बंधन हैं जीवन के

32283726_1036560986495938_1496689106430722048_o
Photo – Omesh

माँ ने कहा लड़की होना

पर लड़की जैसा दिखाई मत देना।

माँ कहती है -राजेश जोशी

पैर धोकर सोते है
करवट होकर।
छाती पर हाथ बाँधकर चित्त
हम कभी नहीं सोते।

सोने से पहले माँ
टुइयाँ के तकिये के नीचे
सरौता रख देती है बिना नागा।

माँ कहती है
डरावने सपने इससे
डर जाते है।

दिन-भर
फिरकनी-सी खटती माँ
हमारे सपनों के लिए
कितनी चिन्तित है !

एक उत्तर दें

Please log in using one of these methods to post your comment:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out /  बदले )

Google photo

You are commenting using your Google account. Log Out /  बदले )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out /  बदले )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out /  बदले )

Connecting to %s