कहाँ पहुँचेंगे..? | विक्रम सिंह मीणा

ये तो पहुँच ही जाएँगे देर सवेर, पैरों में छाले और पीठ पर मार के निशान लेकर।
मुझे बस ये जानना है कि हम कहाँ पहुँचेंगे..? – गौरव सौलंकी

कहाँ पहुँचेंगे..? |  विक्रम सिंह मीणा
कहाँ पहुँचेंगे -विक्रम सिंह मीणा